16,000 से ज्यादा लोगों पर हुआ अध्ययन: बढ़ती उम्र में मल्टीविटामिन लेने के क्या फायदे हो सकते हैं?

उम्र बढ़ना जीवन का सामान्य हिस्सा है। उम्र के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। ऊर्जा का स्तर कम हो सकता है, रोजमर्रा के काम पहले की तुलना में थोड़े मुश्किल लग सकते हैं और शरीर को जरूरी पोषक तत्वों की जरूरत भी अलग तरह से महसूस हो सकती है। ऐसे में बहुत से लोग अपनी डाइट के साथ मल्टीविटामिन सप्लीमेंट लेने के बारे में सोचते हैं।

हाल ही में सामने आए एक अध्ययन ने इसी विषय को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है। इस शोध में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के 16,000 से ज्यादा लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने यह जानने की कोशिश की कि रोजाना मल्टीविटामिन लेने का संबंध बढ़ती उम्र में रोजमर्रा की शारीरिक क्षमता और functional health से किस तरह हो सकता है।

अध्ययन में तीन साल तक लोगों की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया गया। परिणामों में मल्टीविटामिन लेने वाले प्रतिभागियों में कुछ functional health measures placebo लेने वालों की तुलना में बेहतर पाए गए। हालांकि, इस शोध को अभी अंतिम प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि इसके निष्कर्ष NUTRITION 2026 की वैज्ञानिक बैठक में प्रस्तुत किए गए हैं और अभी peer-reviewed medical journal में प्रकाशित नहीं हुए हैं।

16,000 लोगों वाले अध्ययन में क्या देखा गया?

यह शोध COcoa Supplement and Multivitamin Outcomes Study यानी COSMOS से जुड़े आंकड़ों पर आधारित था। इसमें 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के 16,000 से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया था।

प्रतिभागियों को अलग-अलग समूहों में रखा गया। कुछ लोगों को रोजाना मल्टीविटामिन-मिनरल सप्लीमेंट दिया गया, कुछ को cocoa extract, कुछ को दोनों और कुछ को placebo दिया गया। इस तरह शोधकर्ताओं को अलग-अलग समूहों की तुलना करने का मौका मिला।

लगभग तीन वर्षों तक प्रतिभागियों से उनकी functional health से संबंधित जानकारी ली गई। इसमें यह देखा गया कि व्यक्ति रोजमर्रा के काम कितनी आसानी से कर पा रहा है और कुछ लक्षण उसके दैनिक जीवन को कितना प्रभावित कर रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, मल्टीविटामिन लेने वाले लोगों में functional health के कुछ स्कोर placebo समूह की तुलना में बेहतर रहे। सबसे ज्यादा अंतर symptom burden और clinical summary score जैसे मापों में देखा गया।

Functional health का मतलब क्या है?

Functional health का अर्थ केवल यह नहीं है कि किसी व्यक्ति को कोई बीमारी है या नहीं। इसका संबंध इस बात से भी है कि वह व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में कितना स्वतंत्र और सक्रिय रह पा रहा है।

उदाहरण के लिए किसी उम्रदराज व्यक्ति के लिए कपड़े पहनना, नहाना, चलना, सीढ़ियां चढ़ना, घर के छोटे-मोटे काम करना या थोड़ी जल्दी चलना रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है।

उम्र बढ़ने पर यदि थकान, सांस फूलना या पैरों में सूजन जैसी समस्याएं बढ़ती हैं, तो ये सामान्य गतिविधियां भी कठिन हो सकती हैं। इसलिए functional health का बेहतर रहना उम्रदराज लोगों की quality of life के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

नए अध्ययन में इन्हीं पहलुओं से जुड़े सवालों के आधार पर स्वास्थ्य का आकलन किया गया।

मल्टीविटामिन क्या होता है?

मल्टीविटामिन एक ऐसा dietary supplement होता है जिसमें एक से अधिक विटामिन और कभी-कभी कई minerals भी शामिल होते हैं।

अलग-अलग मल्टीविटामिन उत्पादों में पोषक तत्वों की मात्रा अलग हो सकती है। इनमें विटामिन A, C, D, E, B समूह के कुछ विटामिन और कुछ minerals शामिल हो सकते हैं।

इनका उद्देश्य भोजन की जगह लेना नहीं होता। संतुलित भोजन से मिलने वाले पोषक तत्वों का कोई सीधा विकल्प मल्टीविटामिन नहीं है।

यदि किसी व्यक्ति की डाइट में किसी जरूरी पोषक तत्व की कमी है, तो डॉक्टर उसकी स्थिति के अनुसार supplement की सलाह दे सकते हैं।

बढ़ती उम्र में पोषण क्यों महत्वपूर्ण है?

उम्र बढ़ने के साथ खाने की आदतों में बदलाव आ सकता है। कुछ लोगों की भूख कम हो जाती है। कई बार व्यक्ति कम मात्रा में भोजन करता है या कुछ खाद्य पदार्थों से दूरी बनाने लगता है।

इसके अलावा शरीर में कुछ पोषक तत्वों के absorption में भी उम्र के साथ बदलाव हो सकता है। दवाइयों, स्वास्थ्य समस्याओं, कम भूख या सीमित डाइट की वजह से भी पोषण संबंधी कमी का खतरा बढ़ सकता है।

इसी कारण उम्रदराज लोगों के लिए पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, minerals और अन्य जरूरी पोषक तत्वों वाला भोजन महत्वपूर्ण है।

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर उम्रदराज व्यक्ति को बिना जांच के मल्टीविटामिन लेना चाहिए।

अध्ययन में मल्टीविटामिन से कौन से फायदे संकेतित हुए?

नए अध्ययन के आधार पर मल्टीविटामिन लेने वाले समूह में functional health से जुड़े कुछ माप बेहतर दिखाई दिए।

1. रोजमर्रा के काम करने की क्षमता को समर्थन

उम्र बढ़ने पर दैनिक गतिविधियों को आसानी से करना महत्वपूर्ण हो जाता है। अध्ययन में functional health का आकलन ऐसे ही रोजमर्रा के कामों और उनसे जुड़े लक्षणों के आधार पर किया गया।

इससे संकेत मिलता है कि पर्याप्त पोषण बनाए रखने की रणनीति उम्रदराज लोगों के दैनिक जीवन में उपयोगी हो सकती है।

2. थकान और अन्य लक्षणों पर संभावित प्रभाव

अध्ययन में symptom burden को भी देखा गया। इसमें ऐसे लक्षण शामिल थे जो किसी व्यक्ति की दैनिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं।

मल्टीविटामिन समूह में symptom-related functional health के कुछ माप placebo समूह से बेहतर पाए गए।

लेकिन यह कहना अभी सही नहीं होगा कि मल्टीविटामिन हर व्यक्ति की थकान या सांस फूलने की समस्या को ठीक कर देता है।

3. शारीरिक सक्रियता को बनाए रखने में संभावित मदद

उम्रदराज व्यक्ति के लिए सक्रिय रहना बहुत महत्वपूर्ण है। नियमित चलना-फिरना और अपनी क्षमता के अनुसार शारीरिक गतिविधि करना मांसपेशियों और सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है।

नए अध्ययन के निष्कर्ष इस संभावना की ओर संकेत करते हैं कि पर्याप्त micronutrients सहित स्वस्थ lifestyle functional health को support कर सकता है।

4. पोषण की कमी को पूरा करने में भूमिका

यदि किसी व्यक्ति के भोजन में किसी vitamin या mineral की कमी है, तो डॉक्टर की सलाह से supplement उस कमी को पूरा करने में मदद कर सकता है।

लेकिन supplement का फायदा व्यक्ति की वास्तविक nutritional जरूरतों पर निर्भर करता है। जिन लोगों की डाइट पहले से संतुलित है, उनमें अतिरिक्त मल्टीविटामिन का फायदा अलग हो सकता है।

क्या मल्टीविटामिन उम्र बढ़ने की प्रक्रिया रोक देता है?

नहीं। यह दावा करना सही नहीं होगा कि मल्टीविटामिन लेने से उम्र बढ़ना रुक जाता है या व्यक्ति हमेशा जवान बना रहता है।

नया अध्ययन functional health से संबंधित कुछ मापों पर केंद्रित था। इसका उद्देश्य यह साबित करना नहीं था कि मल्टीविटामिन उम्र बढ़ने की प्राकृतिक प्रक्रिया को समाप्त कर सकता है।

उम्र बढ़ना शरीर की प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है। स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए भोजन, नींद, शारीरिक गतिविधि, सामाजिक जुड़ाव और नियमित स्वास्थ्य जांच जैसे कई कारक महत्वपूर्ण हैं।

क्या मल्टीविटामिन याददाश्त के लिए भी उपयोगी हो सकता है?

मल्टीविटामिन और cognitive health पर पहले भी शोध हो चुके हैं।

COSMOS के एक अलग अध्ययन में 3,562 उम्रदराज प्रतिभागियों को शामिल किया गया था। उसमें रोजाना मल्टीविटामिन लेने वाले लोगों में memory test के परिणाम placebo की तुलना में बेहतर पाए गए। तीन साल की follow-up में भी episodic memory पर लाभ का संकेत मिला।

2024 में COSMOS के तीन cognitive substudies के meta-analysis में भी global cognition और episodic memory में छोटे लेकिन statistically significant लाभ देखे गए। शोधकर्ताओं ने global cognition के प्रभाव को लगभग दो साल के cognitive aging के बराबर बताया, हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि मल्टीविटामिन किसी व्यक्ति की वास्तविक उम्र दो साल कम कर देता है।

इसलिए मल्टीविटामिन और दिमागी स्वास्थ्य के बीच संबंध पर शोध जारी है, लेकिन इसे dementia या Alzheimer’s disease का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।

क्या हर उम्रदराज व्यक्ति को मल्टीविटामिन लेना चाहिए?

जरूरी नहीं।

मल्टीविटामिन की जरूरत व्यक्ति की उम्र, डाइट, स्वास्थ्य स्थिति, दवाइयों और पोषण संबंधी कमी पर निर्भर कर सकती है।

यदि कोई व्यक्ति सामान्य रूप से संतुलित भोजन करता है और उसके शरीर में किसी vitamin या mineral की कमी नहीं है, तो केवल उम्र बढ़ने की वजह से high-dose supplements लेना जरूरी नहीं माना जा सकता।

वहीं यदि डॉक्टर को किसी पोषक तत्व की कमी का संदेह हो या व्यक्ति की डाइट सीमित हो, तो supplement उपयोगी हो सकता है।

भोजन से पोषण लेना क्यों जरूरी है?

विटामिन और minerals केवल गोलियों से नहीं मिलते। फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, दूध या अन्य उपयुक्त dairy products, nuts, seeds और पर्याप्त protein वाले खाद्य पदार्थ शरीर को कई प्रकार के पोषक तत्व प्रदान करते हैं।

भोजन में vitamin और mineral के अलावा protein, fiber और अन्य beneficial compounds भी होते हैं।

इसलिए मल्टीविटामिन को healthy diet का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

मल्टीविटामिन लेते समय किन बातों का ध्यान रखें?

सबसे पहले supplement का label ध्यान से पढ़ें। एक ही समय में कई अलग-अलग supplements लेने से कुछ vitamins या minerals जरूरत से ज्यादा मात्रा में शरीर में जा सकते हैं।

खासकर fat-soluble vitamins जैसे A, D, E और K शरीर में जमा हो सकते हैं। इसलिए high-dose supplements बिना चिकित्सकीय सलाह के लेना उचित नहीं है।

यदि कोई व्यक्ति नियमित दवाइयां लेता है, गर्भवती है, किसी chronic disease से जूझ रहा है या पहले से कई supplements ले रहा है, तो नया supplement शुरू करने से पहले डॉक्टर या qualified healthcare professional से सलाह लेना बेहतर है।

क्या मल्टीविटामिन heart health के लिए फायदेमंद है?

इस विषय में सावधानी जरूरी है।

नए 16,000+ लोगों वाले विश्लेषण में cardiovascular-related functional health को questionnaire के माध्यम से देखा गया। मल्टीविटामिन लेने वाले समूह में कुछ functional health scores बेहतर रहे।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मल्टीविटामिन heart attack, heart disease या किसी cardiovascular बीमारी को रोकने की गारंटी देता है।

Heart health के लिए blood pressure, cholesterol, diabetes, smoking, physical activity, वजन, नींद और diet जैसे कई कारक महत्वपूर्ण होते हैं।

यदि किसी व्यक्ति को सीने में दर्द, सांस फूलना, पैरों में अचानक सूजन या अन्य गंभीर लक्षण हैं, तो मल्टीविटामिन पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।

अध्ययन की सबसे बड़ी सीमा क्या है?

इस अध्ययन की एक महत्वपूर्ण सीमा यह है कि इसके निष्कर्ष अभी NUTRITION 2026 में प्रस्तुत किए गए हैं। American Society for Nutrition की जानकारी के अनुसार conference abstracts का चयन विशेषज्ञ समिति द्वारा किया जाता है, लेकिन इन्हें scientific journal में प्रकाशित होने वाली पूरी peer-review प्रक्रिया से गुजरना जरूरी नहीं होता।

इसलिए इन निष्कर्षों को प्रारंभिक माना जाना चाहिए।

इसके अलावा functional health से संबंधित कुछ परिणाम questionnaire के उत्तरों पर आधारित थे। इसका मतलब यह है कि प्रतिभागियों ने अपनी स्थिति के बारे में स्वयं जानकारी दी। यह किसी laboratory test या सीधे physical performance test के समान नहीं है।

इसलिए अध्ययन दिलचस्प जरूर है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए कि हर व्यक्ति को मल्टीविटामिन लेने से निश्चित रूप से फायदा होगा।

स्वस्थ उम्र बढ़ाने के लिए सिर्फ मल्टीविटामिन पर निर्भर न रहें

बढ़ती उम्र में स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए एक गोली को पूरी रणनीति मानना सही नहीं है।

संतुलित भोजन सबसे महत्वपूर्ण आधार है। भोजन में पर्याप्त protein, सब्जियां, फल, साबुत अनाज और जरूरत के अनुसार healthy fats शामिल किए जा सकते हैं।

इसके साथ डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित physical activity करना, पर्याप्त नींद लेना और धूम्रपान से बचना भी जरूरी है।

यदि कोई व्यक्ति पहले से heart disease, diabetes, kidney disease या दूसरी chronic condition से पीड़ित है, तो उसे supplement लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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निष्कर्ष

16,000 से ज्यादा उम्रदराज लोगों से जुड़े नए COSMOS विश्लेषण ने मल्टीविटामिन और healthy aging को लेकर एक दिलचस्प संकेत दिया है। तीन साल के बाद रोजाना मल्टीविटामिन लेने वाले प्रतिभागियों में functional health के कुछ माप placebo लेने वालों की तुलना में बेहतर पाए गए।

इसका मतलब यह हो सकता है कि पर्याप्त micronutrients उम्र बढ़ने के दौरान रोजमर्रा की functioning और overall well-being को support करने में भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, यह शोध अभी प्रारंभिक चरण में है और इसके निष्कर्षों की peer-reviewed scientific publication का इंतजार किया जाना चाहिए।

इसलिए मल्टीविटामिन को उम्र बढ़ने का इलाज या हमेशा जवान रहने का तरीका समझना सही नहीं है। इसका उपयोग व्यक्ति की nutritional जरूरत और डॉक्टर की सलाह के अनुसार होना चाहिए।

स्वस्थ उम्र बढ़ाने का सबसे अच्छा आधार संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, तनाव को नियंत्रित करना और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना है। यदि diet से पोषण पर्याप्त नहीं मिल रहा हो या किसी vitamin/mineral की कमी हो, तभी उचित supplement सही व्यक्ति के लिए उपयोगी हो सकता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। यह किसी बीमारी के निदान, उपचार या दवा का विकल्प नहीं है। कोई भी मल्टीविटामिन या अन्य supplement शुरू करने से पहले, विशेषकर यदि आप नियमित दवाएं लेते हैं या किसी बीमारी से पीड़ित हैं, डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लें।

स्रोत (Source): यह लेख ICMR (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद), विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सामान्य गाइडलाइंस और रटगर्स यूनिवर्सिटी की हालिया रिसर्च रिपोर्ट पर आधारित है।