सी-सेक्शन यानी सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला के शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। बच्चे के जन्म के बाद पेट पहले की तुलना में अधिक निकला हुआ दिखाई दे सकता है, पेट की मांसपेशियां ढीली महसूस हो सकती हैं और शरीर का वजन भी बढ़ा हुआ रह सकता है। कई महिलाओं को डिलीवरी के बाद यह चिंता होती है कि पेट दोबारा पहले जैसा कैसे होगा।
सबसे जरूरी बात यह समझना है कि सी-सेक्शन के बाद पेट को कम करने में समय लगता है। डिलीवरी के तुरंत बाद शरीर को सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश करना उचित नहीं है। इस दौरान शरीर को आराम, पौष्टिक भोजन और ऑपरेशन के घाव को ठीक होने का समय चाहिए।
पेट कम करने के लिए केवल डाइट या एक्सरसाइज पर निर्भर रहने के बजाय पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, धीरे-धीरे बढ़ती शारीरिक गतिविधि और डॉक्टर की सलाह को ध्यान में रखना जरूरी है।
सी-सेक्शन के बाद पेट बाहर क्यों दिखाई देता है?
सी-सेक्शन के बाद पेट बाहर दिखने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान बढ़ता हुआ बच्चा गर्भाशय और पेट की मांसपेशियों पर दबाव डालता है। पेट की त्वचा और मांसपेशियां भी काफी खिंचती हैं।
डिलीवरी के बाद गर्भाशय को अपने सामान्य आकार में लौटने में समय लगता है। इसके अलावा शरीर में जमा अतिरिक्त तरल पदार्थ, गर्भावस्था के दौरान बढ़ा वजन और पेट की मांसपेशियों में कमजोरी भी पेट को कुछ समय तक बाहर दिखा सकती है।
कुछ महिलाओं में पेट की बीच वाली मांसपेशियों के बीच दूरी बढ़ जाती है, जिसे डायस्टेसिस रेक्टी कहा जाता है। ऐसी स्थिति में पेट का उभार लंबे समय तक दिखाई दे सकता है।
इसलिए सी-सेक्शन के बाद पेट बाहर होना हमेशा केवल अतिरिक्त चर्बी की वजह से नहीं होता।
1. सबसे पहले शरीर को ठीक होने का समय दें
सी-सेक्शन एक बड़ी सर्जरी है। इसलिए डिलीवरी के बाद पेट कम करने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
शुरुआती समय में मुख्य लक्ष्य शरीर की रिकवरी होना चाहिए। ऑपरेशन का घाव ठीक होने, ऊर्जा वापस आने और डॉक्टर द्वारा सामान्य गतिविधियों की अनुमति मिलने के बाद ही धीरे-धीरे व्यायाम बढ़ाना बेहतर होता है।
हर महिला की रिकवरी अलग होती है। इसलिए केवल किसी दूसरी महिला को देखकर अपनी एक्सरसाइज या डाइट तय न करें।
2. शुरुआत हल्की गतिविधि से करें
डॉक्टर की अनुमति मिलने के बाद धीरे-धीरे चलना एक आसान शुरुआत हो सकती है। शुरुआत में बहुत लंबी वॉक करने की जरूरत नहीं है।
कुछ मिनट आराम से चलने से शुरुआत करके अपनी क्षमता के अनुसार समय धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है।
चलने से शरीर सक्रिय रहता है और लंबे समय तक बैठे या लेटे रहने की आदत कम होती है। लेकिन अगर चलने के दौरान दर्द, चक्कर, अधिक कमजोरी या घाव में परेशानी महसूस हो तो गतिविधि रोककर डॉक्टर से बात करें।
3. पेट कम करने के लिए तुरंत क्रंचेज न करें
कई महिलाएं डिलीवरी के बाद पेट कम करने के लिए तुरंत सिट-अप या क्रंचेज शुरू कर देती हैं। सी-सेक्शन के बाद ऐसा करना उचित नहीं हो सकता।
पेट की मांसपेशियों को ठीक होने में समय लगता है और कुछ महिलाओं में डायस्टेसिस रेक्टी भी हो सकता है। इसलिए शुरुआती दौर में हाई-इंटेंसिटी एब्स एक्सरसाइज करने से बचना बेहतर है।
डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेकर सुरक्षित पोस्टपार्टम एक्सरसाइज शुरू करना ज्यादा उचित है।
4. पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज उपयोगी हो सकती है
गर्भावस्था और डिलीवरी के बाद पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों पर भी असर पड़ सकता है। डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह के अनुसार पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज की जा सकती है।
इन एक्सरसाइज का उद्देश्य केवल पेट कम करना नहीं है। ये शरीर के उस हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद कर सकती हैं जो गर्भावस्था और डिलीवरी के दौरान प्रभावित होती हैं।
सही तकनीक सीखना जरूरी है। यदि एक्सरसाइज करते समय दर्द या असहजता हो तो इसे रोक दें।
5. डायस्टेसिस रेक्टी की जांच करवाएं
अगर डिलीवरी के बाद पेट बीच से उभरा हुआ दिखाई देता है या पेट की मांसपेशियां कमजोर महसूस होती हैं, तो डायस्टेसिस रेक्टी की संभावना के बारे में डॉक्टर या महिला स्वास्थ्य फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह ली जा सकती है।
ऐसी स्थिति में सामान्य इंटरनेट एक्सरसाइज करने के बजाय विशेषज्ञ द्वारा बताए गए व्यायाम करना बेहतर होता है।
कुछ मामलों में गलत तरीके से किए गए पेट के व्यायाम से समस्या बढ़ सकती है। इसलिए पेट को अंदर करने के लिए हर तरह की एक्सरसाइज करना सही तरीका नहीं है।
6. प्रोटीन को डाइट में शामिल करें
सी-सेक्शन के बाद शरीर को रिकवरी के लिए पर्याप्त पोषण की जरूरत होती है। भोजन में प्रोटीन के अच्छे स्रोत शामिल करना उपयोगी हो सकता है।
दाल, चना, राजमा, मूंग, सोयाबीन, दूध, दही, पनीर, अंडे, मछली या अन्य उपलब्ध प्रोटीन स्रोतों को अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है।
अगर महिला स्तनपान करा रही है तो बहुत कम कैलोरी वाली डाइट या लंबे समय तक भूखे रहने वाली डाइट शुरू करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर है।
7. सब्जियां और फल जरूर खाएं
पेट कम करने के नाम पर केवल कम खाना सही तरीका नहीं है। शरीर को विटामिन, मिनरल, फाइबर और अन्य पोषक तत्वों की जरूरत होती है।
हरी सब्जियां, मौसमी सब्जियां और अलग-अलग प्रकार के फल संतुलित मात्रा में लिए जा सकते हैं।
फाइबर वाला भोजन पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है और कब्ज की समस्या को कम करने में भी उपयोगी हो सकता है।
8. पानी की पर्याप्त मात्रा लें
डिलीवरी के बाद पर्याप्त तरल पदार्थ लेना जरूरी है। पानी शरीर के सामान्य कामकाज के लिए आवश्यक है और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी पर्याप्त तरल लेना महत्वपूर्ण है।
हालांकि पानी पीने से सीधे पेट की चर्बी खत्म नहीं होती, लेकिन मीठे पेय की जगह पानी लेना कुल कैलोरी सेवन को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।
9. मीठे और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ कम करें
पेट कम करने के लिए सबसे पहले अपनी पूरी डाइट को समझना जरूरी है। बार-बार मिठाई, शक्कर वाले पेय, पैकेज्ड स्नैक्स, बहुत ज्यादा तला हुआ खाना और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड लेने से अतिरिक्त कैलोरी बढ़ सकती है।
इन चीजों को पूरी तरह बंद करना हर किसी के लिए जरूरी नहीं है, लेकिन इनका सेवन सीमित करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
घर का संतुलित भोजन, दाल, सब्जी, रोटी, चावल, सलाद, फल और प्रोटीन स्रोतों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
10. क्रैश डाइट से बचें
सी-सेक्शन के बाद तेजी से वजन घटाने के लिए बहुत कम खाना या भोजन छोड़ना सही तरीका नहीं है।
खासकर स्तनपान कराने वाली महिलाओं को बिना विशेषज्ञ की सलाह के बहुत कम कैलोरी वाली डाइट नहीं अपनानी चाहिए।
शरीर को रिकवरी और बच्चे की देखभाल के लिए ऊर्जा चाहिए। इसलिए वजन घटाने की प्रक्रिया धीरे-धीरे और संतुलित तरीके से करना बेहतर है।
11. पर्याप्त नींद और आराम भी जरूरी है
नई मां के लिए पर्याप्त नींद लेना मुश्किल हो सकता है, लेकिन आराम को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
नींद की कमी से थकान बढ़ सकती है और स्वस्थ भोजन तथा शारीरिक गतिविधि को नियमित रखना भी कठिन हो सकता है।
बच्चा जब सोए, तब संभव हो तो मां भी आराम करने की कोशिश कर सकती है। परिवार के सदस्यों से बच्चे की देखभाल में मदद लेना भी उपयोगी हो सकता है।
12. पेट की मालिश से चर्बी सीधे कम नहीं होती
कई जगह सी-सेक्शन के बाद पेट की मालिश को पेट की चर्बी कम करने का तरीका बताया जाता है। लेकिन किसी तेल या मालिश से पेट की चर्बी सीधे खत्म होने का दावा सही नहीं माना जाना चाहिए।
ऑपरेशन के घाव के आसपास मालिश करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। घाव पूरी तरह ठीक न हुआ हो तो वहां किसी तरह का दबाव या मालिश नहीं करनी चाहिए।
13. पेट बांधने वाली बेल्ट का इस्तेमाल सोच-समझकर करें
कुछ महिलाएं सी-सेक्शन के बाद एब्डॉमिनल बेल्ट या पेट बांधने वाली बेल्ट पहनती हैं। इससे कुछ लोगों को सहारा या आराम महसूस हो सकता है, लेकिन यह पेट की चर्बी को अपने आप खत्म नहीं करती।
बहुत ज्यादा टाइट बेल्ट पहनने से असहजता हो सकती है। ऑपरेशन के बाद किसी भी प्रकार की बेल्ट इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
14. धीरे-धीरे एक्सरसाइज की तीव्रता बढ़ाएं
जब डॉक्टर अनुमति दें और शरीर ठीक महसूस करे, तो धीरे-धीरे सामान्य फिटनेस गतिविधियों की ओर बढ़ा जा सकता है।
वॉकिंग से शुरुआत के बाद डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह के अनुसार हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और कोर-ब्रिदिंग एक्सरसाइज शामिल की जा सकती हैं।
एकदम से भारी वजन उठाना, बहुत तेज दौड़ना या कठिन एब्स वर्कआउट शुरू करने की बजाय शरीर के संकेतों को समझना जरूरी है।
15. शरीर को पहले जैसा होने में कितना समय लगता है?
इस सवाल का कोई एक निश्चित जवाब नहीं है। प्रत्येक महिला का शरीर अलग होता है।
गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई महीनों तक बदलाव होते हैं, इसलिए डिलीवरी के कुछ सप्ताह या महीनों में शरीर का पूरी तरह पहले जैसा न होना सामान्य हो सकता है।
कुछ महिलाओं में वजन जल्दी कम हो सकता है, जबकि कुछ को अधिक समय लग सकता है। उम्र, गर्भावस्था से पहले का वजन, गर्भावस्था के दौरान बढ़ा वजन, गतिविधि, भोजन, नींद, स्तनपान और शरीर की प्राकृतिक संरचना जैसे कई कारक इसमें भूमिका निभा सकते हैं।
इसलिए दूसरे लोगों से तुलना करने के बजाय धीरे-धीरे स्वस्थ आदतों पर ध्यान देना बेहतर है।
16. सी-सेक्शन के बाद इन गलतियों से बचें
पेट कम करने के लिए कुछ गलतियां नुकसान पहुंचा सकती हैं।
- बिना डॉक्टर की सलाह के कठिन एक्सरसाइज शुरू करना
- बहुत कम खाना या खाना छोड़ना
- क्रैश डाइट अपनाना
- बिना जानकारी के सप्लीमेंट लेना
- ऑपरेशन के घाव पर दबाव डालना
- दर्द होने के बावजूद व्यायाम करते रहना
- सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले तुरंत वजन घटाने के तरीकों पर भरोसा करना
- अपनी रिकवरी की तुलना किसी दूसरी महिला से करना
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
सी-सेक्शन के बाद अगर तेज या बढ़ता हुआ दर्द, घाव में ज्यादा लालिमा या सूजन, घाव से असामान्य स्राव, तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, बहुत अधिक रक्तस्राव, पैर में अचानक दर्द या सूजन जैसी समस्या हो तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।
इसके अलावा अगर व्यायाम शुरू करने के बाद लगातार दर्द, पेट में असामान्य उभार या पेल्विक फ्लोर से जुड़ी परेशानी महसूस हो, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।
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निष्कर्ष
सी-सेक्शन के बाद पेट को पहले जैसा बनाने का सबसे सुरक्षित तरीका जल्दबाजी नहीं बल्कि धैर्य और स्वस्थ जीवनशैली है। शरीर को पर्याप्त आराम देने के साथ संतुलित भोजन, पर्याप्त प्रोटीन, फल-सब्जियां, पानी और डॉक्टर की अनुमति के बाद धीरे-धीरे बढ़ाई गई शारीरिक गतिविधि महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
पेट की चर्बी कम करने के लिए केवल एक एक्सरसाइज, तेल, बेल्ट या घरेलू नुस्खे पर निर्भर रहना सही तरीका नहीं है। अगर पेट का उभार डायस्टेसिस रेक्टी या किसी अन्य समस्या से जुड़ा है तो विशेषज्ञ की सलाह लेना अधिक उपयोगी होगा।
याद रखें, सी-सेक्शन के बाद शरीर को ठीक होने में समय लगता है। इसलिए अपने शरीर को समय दें और स्वस्थ होने को केवल वजन या पेट के आकार से न मापें।
स्रोत (Source): यह लेख ICMR (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद), विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सामान्य गाइडलाइंस और रटगर्स यूनिवर्सिटी की हालिया रिसर्च रिपोर्ट पर आधारित है।
जरूरी Disclaimer
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। सी-सेक्शन के बाद एक्सरसाइज, वजन घटाने की डाइट या किसी सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें, खासकर यदि ऑपरेशन हाल ही में हुआ है, आप स्तनपान करा रही हैं या किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या है।