गॉल ब्लैडर में पथरी कैसे बनती है, इसका पता कैसे चलता है और इलाज क्या है

गॉल ब्लैडर (पित्ताशय) में पथरी एक आम स्वास्थ्य समस्या है। इसे मेडिकल भाषा में Gallstones कहा जाता है। गॉल ब्लैडर शरीर में लीवर के नीचे स्थित एक छोटी थैली होती है, जिसमें लीवर द्वारा बनाया गया पित्त (Bile) जमा रहता है। यह पित्त भोजन में मौजूद वसा को पचाने में मदद करता है।

जब पित्त में मौजूद कुछ पदार्थ असंतुलित हो जाते हैं या पित्ताशय ठीक से खाली नहीं हो पाता, तो छोटे-छोटे कण जमा होकर धीरे-धीरे पथरी का रूप ले सकते हैं। कुछ लोगों में पथरी होने के बावजूद कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, जबकि कुछ लोगों में अचानक तेज दर्द, उल्टी, बुखार या पीलिया जैसी समस्या हो सकती है।

इस लेख में जानते हैं कि गॉल ब्लैडर की पथरी आखिर कैसे बनती है, इसके लक्षण क्या हैं, इसकी जांच कैसे होती है और इलाज के कौन-कौन से विकल्प मौजूद हैं।

गॉल ब्लैडर क्या होता है?

गॉल ब्लैडर यानी पित्ताशय लीवर के नीचे मौजूद एक छोटी थैली होती है। लीवर पित्त बनाता है और गॉल ब्लैडर उसे कुछ समय के लिए जमा करके रखता है।

जब हम खाना खाते हैं, खासकर वसा वाला भोजन, तो शरीर को वसा पचाने के लिए पित्त की जरूरत पड़ती है। उस समय गॉल ब्लैडर पित्त को छोटी आंत में भेजता है।

यदि पित्त के रासायनिक संतुलन में बदलाव हो जाए या पित्त लंबे समय तक गॉल ब्लैडर में जमा रहे, तो उसमें क्रिस्टल जैसे कण बन सकते हैं। समय के साथ यही कण पथरी में बदल सकते हैं।

गॉल ब्लैडर में पथरी कैसे बनती है?

गॉल ब्लैडर की पथरी बनने का एक ही कारण नहीं होता। कई अलग-अलग कारण मिलकर इसका जोखिम बढ़ा सकते हैं।

1. पित्त में कोलेस्ट्रॉल की अधिकता

गॉल ब्लैडर की अधिकतर पथरी कोलेस्ट्रॉल से बनी होती है। जब पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बहुत अधिक हो जाती है और वह पूरी तरह घुल नहीं पाता, तो छोटे क्रिस्टल बनने लगते हैं।

समय के साथ ये क्रिस्टल एक-दूसरे से जुड़कर पथरी बना सकते हैं।

2. गॉल ब्लैडर का ठीक से खाली न होना

अगर गॉल ब्लैडर पर्याप्त मात्रा में या नियमित रूप से खाली नहीं होता, तो पित्त ज्यादा समय तक अंदर जमा रह सकता है। इससे पित्त अधिक गाढ़ा हो सकता है और पथरी बनने की संभावना बढ़ सकती है।

3. बिलीरुबिन की अधिक मात्रा

कुछ परिस्थितियों में शरीर बिलीरुबिन नामक पदार्थ की अधिक मात्रा बना सकता है। इससे पिगमेंट स्टोन बनने का जोखिम बढ़ सकता है।

कुछ रक्त संबंधी बीमारियां, पित्त नली से जुड़ी समस्याएं और लीवर की कुछ स्थितियां इस जोखिम से जुड़ी हो सकती हैं।

किन लोगों में पथरी का खतरा अधिक हो सकता है?

गॉल ब्लैडर की पथरी किसी भी व्यक्ति को हो सकती है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में इसका जोखिम बढ़ सकता है।

  • अधिक वजन या मोटापा
  • तेजी से वजन कम होना
  • लंबे समय तक बहुत कम कैलोरी वाला आहार लेना
  • परिवार में किसी को गॉलस्टोन होना
  • बढ़ती उम्र
  • महिलाओं में गर्भावस्था या कुछ हार्मोनल परिस्थितियां
  • कुछ बीमारियां
  • कुछ विशेष दवाओं का इस्तेमाल
  • लंबे समय तक उपवास या भोजन न करना

हालांकि इनमें से किसी एक कारण का होना यह साबित नहीं करता कि व्यक्ति को पथरी जरूर होगी।

गॉल ब्लैडर की पथरी के लक्षण क्या हैं?

कई लोगों में गॉल ब्लैडर की पथरी बिना किसी लक्षण के रहती है। ऐसी पथरी को अक्सर जांच के दौरान संयोग से देखा जाता है।

लेकिन जब पथरी गॉल ब्लैडर या पित्त की नली को बाधित करती है, तब समस्या शुरू हो सकती है।

सबसे आम लक्षणों में शामिल हैं:

पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द

दर्द आमतौर पर पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में महसूस हो सकता है। कभी-कभी यह दर्द पेट के बीच से शुरू होकर दाहिने कंधे या पीठ की तरफ भी जा सकता है।

खाना खाने के बाद दर्द

कुछ लोगों में भारी या ज्यादा वसा वाला भोजन करने के बाद दर्द बढ़ सकता है।

मतली और उल्टी

दर्द के साथ जी मिचलाना या उल्टी भी हो सकती है।

पेट भारी लगना

कुछ लोगों को पेट में भारीपन, अपच या असहजता महसूस हो सकती है। हालांकि ये लक्षण केवल गॉलस्टोन के कारण ही हों, ऐसा जरूरी नहीं है।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

यदि पेट में अचानक बहुत तेज दर्द हो और वह कम न हो, तो इसे सामान्य गैस या अपच समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

खासकर इन लक्षणों के साथ तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी हो सकता है:

  • बहुत तेज या लगातार पेट दर्द
  • बुखार या ठंड लगना
  • बार-बार उल्टी
  • आंखों या त्वचा का पीला होना
  • पेशाब का रंग बहुत गहरा होना
  • मल का रंग सामान्य से बहुत हल्का होना
  • पेट दर्द के साथ अत्यधिक कमजोरी

ऐसे लक्षण गॉल ब्लैडर में सूजन, पित्त नली में रुकावट या अन्य जटिलता का संकेत हो सकते हैं।

गॉल ब्लैडर की पथरी का पता कैसे चलता है?

लक्षणों के आधार पर डॉक्टर शारीरिक जांच करते हैं और जरूरत के अनुसार कुछ टेस्ट करवाते हैं।

1. अल्ट्रासाउंड

गॉल ब्लैडर की पथरी देखने के लिए अल्ट्रासाउंड सबसे आम जांचों में से एक है। इसमें गॉल ब्लैडर की स्थिति, पथरी और आसपास के हिस्से में सूजन जैसी चीजों को देखा जा सकता है।

2. ब्लड टेस्ट

डॉक्टर जरूरत के अनुसार खून की जांच करा सकते हैं। इसमें लीवर से संबंधित टेस्ट और संक्रमण या सूजन के संकेत देखे जा सकते हैं।

3. अन्य इमेजिंग टेस्ट

कुछ मामलों में डॉक्टर CT scan, MRI आधारित जांच या विशेष पित्त नली की जांच की सलाह दे सकते हैं। इसका फैसला मरीज के लक्षण और शुरुआती जांच के आधार पर किया जाता है।

क्या हर गॉल ब्लैडर की पथरी का इलाज जरूरी है?

नहीं। यदि पथरी मौजूद है लेकिन कोई लक्षण या जटिलता नहीं है, तो हर व्यक्ति में तुरंत ऑपरेशन जरूरी नहीं होता।

ऐसे मामलों में डॉक्टर स्थिति को देखते हुए निगरानी की सलाह दे सकते हैं।

लेकिन यदि बार-बार दर्द हो रहा है, गॉल ब्लैडर में सूजन हो रही है या पथरी पित्त नली में समस्या पैदा कर रही है, तो इलाज की जरूरत पड़ सकती है।

गॉल ब्लैडर की पथरी का इलाज कैसे होता है?

इलाज पथरी के आकार, संख्या, स्थान, लक्षण और मरीज की सामान्य स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।

1. सर्जरी

लक्षण पैदा करने वाली गॉल ब्लैडर की पथरी के लिए गॉल ब्लैडर निकालने की सर्जरी (Cholecystectomy) एक सामान्य उपचार है।

आजकल कई मामलों में यह ऑपरेशन लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के जरिए किया जाता है। इसमें पेट पर छोटे चीरे लगाए जाते हैं और कैमरे तथा विशेष उपकरणों की मदद से गॉल ब्लैडर निकाला जाता है।

हर मरीज के लिए सर्जरी का तरीका एक जैसा नहीं होता। डॉक्टर मरीज की स्थिति देखकर सही विकल्प तय करते हैं।

2. पित्त नली में फंसी पथरी

यदि पथरी गॉल ब्लैडर से निकलकर पित्त नली में फंस जाए, तो अलग प्रकार की प्रक्रिया की जरूरत पड़ सकती है। कुछ मामलों में ERCP जैसी एंडोस्कोपिक प्रक्रिया से पित्त नली की पथरी निकाली जा सकती है।

इसके बाद गॉल ब्लैडर के इलाज की भी जरूरत हो सकती है।

3. दवाओं से इलाज

कुछ विशेष परिस्थितियों में डॉक्टर ऐसी दवाओं पर विचार कर सकते हैं जो कुछ प्रकार की कोलेस्ट्रॉल पथरी को धीरे-धीरे घोलने में मदद कर सकती हैं।

लेकिन यह उपचार सभी मरीजों के लिए उपयुक्त नहीं होता और इसमें काफी समय लग सकता है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के पथरी के लिए कोई दवा लेना सही नहीं है।

क्या गॉल ब्लैडर की पथरी घरेलू उपायों से निकल सकती है?

इंटरनेट पर कई तरह के घरेलू नुस्खे बताए जाते हैं, जैसे नींबू का रस, तेल, जूस या विशेष “गॉल ब्लैडर क्लीनिंग”। लेकिन इनसे गॉल ब्लैडर की पथरी सुरक्षित रूप से निकलने की गारंटी नहीं होती।

कुछ तथाकथित “फ्लश” करने वाले उपाय उल्टा पेट खराब, दस्त या अन्य परेशानी पैदा कर सकते हैं।

इसलिए पथरी की पुष्टि होने के बाद डॉक्टर की सलाह के बिना घरेलू प्रयोग करके इलाज को टालना उचित नहीं है।

खान-पान में क्या सावधानी रखें?

यदि गॉल ब्लैडर की पथरी के कारण भोजन के बाद दर्द या परेशानी होती है, तो डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से भोजन में बदलाव किया जा सकता है।

सामान्य तौर पर:

  • बहुत अधिक तला-भुना भोजन कम करें।
  • ज्यादा वसा वाले भोजन से बचें, खासकर यदि उससे लक्षण बढ़ते हों।
  • सब्जियां, फल और साबुत अनाज जैसे फाइबर वाले खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करें।
  • पर्याप्त पानी पिएं।
  • लंबे समय तक भूखे रहने से बचें।
  • वजन कम करना हो तो धीरे-धीरे और स्वस्थ तरीके से करें।
  • बहुत तेजी से वजन घटाने वाली डाइट से बचें।

ध्यान रखें कि हर मरीज के लिए एक जैसा डाइट चार्ट जरूरी नहीं होता।

क्या पथरी को रोकने से बचा जा सकता है?

हर मामले में गॉलस्टोन को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है। फिर भी स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से कुछ जोखिम कम किए जा सकते हैं।

नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित भोजन, स्वस्थ वजन बनाए रखना और बहुत तेजी से वजन कम करने से बचना उपयोगी हो सकता है।

अगर किसी व्यक्ति को पहले से पथरी है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार फॉलो-अप करना महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष

गॉल ब्लैडर की पथरी पित्त में मौजूद पदार्थों के असंतुलन और गॉल ब्लैडर की कार्यप्रणाली से जुड़ी समस्या के कारण बन सकती है। कई लोगों में पथरी बिना लक्षण के रहती है, लेकिन पथरी के कारण पित्त की नली में रुकावट या गॉल ब्लैडर में सूजन होने पर तेज पेट दर्द, उल्टी, बुखार या पीलिया जैसी समस्या हो सकती है।

अल्ट्रासाउंड से अक्सर गॉलस्टोन का पता लगाया जाता है। बिना लक्षण वाली पथरी में हर बार इलाज जरूरी नहीं होता, जबकि बार-बार दर्द या जटिलता होने पर डॉक्टर सर्जरी या अन्य उपचार की सलाह दे सकते हैं।

पेट में तेज या लगातार दर्द, बुखार, उल्टी या पीलिया जैसे लक्षण होने पर खुद से इलाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है। यह डॉक्टर की जांच, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। गॉल ब्लैडर की पथरी होने का संदेह हो या पहले से पथरी की पुष्टि हो चुकी हो, तो उचित जांच और इलाज के लिए योग्य डॉक्टर से सलाह लें।

स्रोत (Source): ICMR (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद), NIN (राष्ट्रीय पोषण संस्थान) और WHO की सामान्य गाइडलाइंस तथा आधिकारिक वेबसाइट ICMR Official Website पर आधारित।