तीन प्रकार के मेवे जो उच्च रक्तचाप वाले लोगों के लिए अच्छे होते हैं और हृदय स्वास्थ्य की रक्षा करने में मदद करते हैं

उच्च रक्तचाप यानी हाई ब्लड प्रेशर आज एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। लंबे समय तक ब्लड प्रेशर बढ़ा रहने पर हृदय, रक्त वाहिकाओं, किडनी और शरीर के दूसरे अंगों पर दबाव पड़ सकता है। इसलिए ब्लड प्रेशर को सामान्य सीमा में बनाए रखना जरूरी है। इसके लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेने के साथ-साथ खान-पान, शारीरिक गतिविधि, नींद और वजन पर ध्यान देना भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

डाइट की बात करें तो मेवे यानी Nuts एक ऐसा खाद्य समूह हैं जिन्हें संतुलित मात्रा में स्वस्थ आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। इनमें प्रोटीन, फाइबर, असंतृप्त वसा और कई तरह के खनिज व पोषक तत्व पाए जाते हैं। कुछ मेवों में मैग्नीशियम, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट यौगिक भी मिलते हैं, जो समग्र हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकते हैं।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि केवल मेवे खाने से हाई ब्लड प्रेशर ठीक नहीं होता। अगर किसी व्यक्ति को उच्च रक्तचाप है तो डॉक्टर की सलाह, नियमित BP जांच और निर्धारित दवाओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

इस लेख में तीन ऐसे मेवों के बारे में जानेंगे जिन्हें संतुलित मात्रा में डाइट में शामिल किया जा सकता है।

1. अखरोट

अखरोट को हृदय के लिए उपयोगी मेवों में शामिल किया जाता है। इसका सबसे खास पहलू इसमें मौजूद पॉलीअनसैचुरेटेड फैट और ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक पौधों से मिलने वाला रूप, अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA), है।

अखरोट में फाइबर, प्रोटीन, मैग्नीशियम और अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। संतुलित आहार में अखरोट शामिल करने से भोजन की पोषण गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।

ब्लड प्रेशर के लिए अखरोट क्यों उपयोगी हो सकता है?

अखरोट में मौजूद असंतृप्त वसा और अन्य पोषक तत्व हृदय के अनुकूल आहार का हिस्सा बन सकते हैं। कुछ शोधों में अखरोट युक्त डाइट और हृदय संबंधी जोखिम कारकों के बीच सकारात्मक संबंध देखने को मिला है, हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि अखरोट हाई BP का इलाज करता है।

अखरोट का लाभ इस बात पर भी निर्भर करता है कि इसे किस तरह खाया जा रहा है। अगर अखरोट को नमक, चीनी या ज्यादा कैलोरी वाले स्नैक्स के साथ लिया जाए तो इसका फायदा कम हो सकता है।

अखरोट कैसे खाएं?

अखरोट को बिना नमक और बिना अतिरिक्त चीनी के खाना बेहतर विकल्प है। इसे नाश्ते में, दलिया या ओट्स के साथ या सलाद में थोड़ी मात्रा में शामिल किया जा सकता है।

अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो मात्रा पर खास ध्यान दें, क्योंकि मेवों में कैलोरी काफी होती है।


2. बादाम

बादाम भारत में सबसे लोकप्रिय मेवों में से एक है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम, विटामिन E और असंतृप्त वसा जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं।

बादाम को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाने से शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं। मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे खनिज सामान्य शरीर क्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं।

हाई BP में बादाम का क्या संबंध है?

हाई ब्लड प्रेशर के मामले में पूरी डाइट का महत्व होता है। केवल किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, कम वसा वाले डेयरी उत्पाद और सीमित मात्रा में स्वस्थ वसा वाले खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

बादाम इस तरह के संतुलित आहार का हिस्सा हो सकता है। इनमें मौजूद असंतृप्त वसा और फाइबर हृदय के अनुकूल भोजन पैटर्न में योगदान दे सकते हैं।

बादाम खाने का सही तरीका

बादाम को कच्चा या हल्का भुना हुआ खाया जा सकता है। बाजार में मिलने वाले बहुत अधिक नमक वाले या मसालेदार बादाम की तुलना में बिना नमक वाले बादाम बेहतर विकल्प हैं।

कुछ लोग बादाम को रातभर भिगोकर खाते हैं। भिगोया हुआ बादाम खाना व्यक्तिगत पसंद है; इसे खाने के लिए भिगोना जरूरी नहीं है।

कितने बादाम खाएं?

बादाम की मात्रा व्यक्ति की कुल डाइट और कैलोरी जरूरत पर निर्भर करती है। सामान्य तौर पर थोड़ी मात्रा को स्नैक के रूप में लिया जा सकता है। बहुत ज्यादा बादाम खाने से कैलोरी की मात्रा बढ़ सकती है।

अगर आपका वजन बढ़ा हुआ है या आप वजन नियंत्रित कर रहे हैं तो डायटीशियन से अपनी जरूरत के अनुसार मात्रा पूछना बेहतर है।


3. पिस्ता

पिस्ता भी एक पौष्टिक मेवा है जिसे संतुलित मात्रा में डाइट में शामिल किया जा सकता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, असंतृप्त वसा और कई सूक्ष्म पोषक तत्व पाए जाते हैं।

पिस्ता खाने का एक फायदा यह भी है कि इसे सीमित मात्रा में खाने पर स्नैक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें मौजूद फाइबर और प्रोटीन पेट को कुछ समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकते हैं।

पिस्ता और ब्लड प्रेशर

पिस्ता और अन्य मेवों पर किए गए कुछ अध्ययनों में इनके सेवन और हृदय संबंधी कुछ जोखिम कारकों के बीच संभावित लाभ देखा गया है। लेकिन इसे हाई ब्लड प्रेशर का इलाज नहीं माना जा सकता।

हाई BP वाले व्यक्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात कुल आहार में सोडियम यानी नमक की मात्रा कम रखना है। इसलिए पिस्ता खाते समय सबसे पहले यह देखें कि उसमें अतिरिक्त नमक तो नहीं मिला है।

पिस्ता खरीदते समय क्या देखें?

हमेशा बिना नमक वाला या कम नमक वाला पिस्ता चुनना बेहतर है। बहुत अधिक नमक वाले पिस्ते का नियमित और ज्यादा सेवन हाई BP वाले व्यक्ति के लिए उचित नहीं हो सकता।

इसके अलावा फ्लेवर वाले पिस्ते में अतिरिक्त नमक, चीनी या दूसरे पदार्थ मिलाए जा सकते हैं। इसलिए पैकेट खरीदते समय Nutrition Facts और ingredients जरूर पढ़ें।


मेवे हाई ब्लड प्रेशर में कैसे मदद कर सकते हैं?

हाई BP को नियंत्रित करने के लिए सिर्फ एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। मेवों की उपयोगिता मुख्य रूप से उनके पोषण प्रोफाइल और पूरे आहार के संदर्भ में देखी जानी चाहिए।

मेवों में सामान्यतः निम्न पोषक तत्व मिल सकते हैं:

  • असंतृप्त वसा
  • प्रोटीन
  • फाइबर
  • मैग्नीशियम
  • पोटैशियम
  • विटामिन और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व
  • विभिन्न एंटीऑक्सीडेंट यौगिक

इन पोषक तत्वों के कारण मेवे संतुलित और हृदय-अनुकूल भोजन पैटर्न में जगह बना सकते हैं।

लेकिन अगर कोई व्यक्ति रोजाना बहुत ज्यादा नमकीन मेवे खाता है, तो अतिरिक्त सोडियम का सेवन बढ़ सकता है। इसलिए मेवे का चुनाव और मात्रा दोनों महत्वपूर्ण हैं।

हाई BP में नमक का ध्यान रखना क्यों जरूरी है?

उच्च रक्तचाप वाले लोगों के लिए नमक की मात्रा पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। ज्यादा सोडियम का सेवन कुछ लोगों में रक्तचाप बढ़ा सकता है।

इसीलिए अगर आप अखरोट, बादाम या पिस्ता खरीद रहे हैं तो बिना नमक वाले विकल्प चुनें।

सिर्फ ऊपर से डाला जाने वाला नमक ही नहीं, बल्कि पैकेज्ड स्नैक्स, नमकीन, अचार, पापड़, इंस्टेंट नूडल्स, सॉस और कई प्रोसेस्ड फूड में भी सोडियम हो सकता है।

इसलिए BP को नियंत्रित रखने के लिए सिर्फ नमकीन मेवों को छोड़ना पर्याप्त नहीं है; पूरे दिन के भोजन में सोडियम की मात्रा पर नजर रखना जरूरी है।

मेवे खाने की सही मात्रा कितनी हो?

मेवे पौष्टिक जरूर हैं, लेकिन इनमें कैलोरी भी अधिक होती है। इसलिए मुट्ठी भर मेवे बार-बार खाने के बजाय अपनी कुल डाइट के अनुसार सीमित मात्रा लेना बेहतर है।

एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति के लिए छोटी मात्रा में मेवे स्नैक के रूप में उपयोगी हो सकते हैं। लेकिन अगर आपको मोटापा, डायबिटीज, किडनी की बीमारी या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है तो अपनी व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार मात्रा तय करने के लिए डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लें।

किन मेवों से बचना चाहिए?

हाई BP वाले व्यक्ति को हर तरह के मेवे पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं होती। समस्या अक्सर मेवे के बजाय उसमें मिलाए गए अतिरिक्त नमक, चीनी और अन्य सामग्री से हो सकती है।

इन विकल्पों को सीमित रखें:

  • बहुत ज्यादा नमकीन बादाम
  • नमकीन पिस्ता
  • ज्यादा नमक वाले काजू
  • शुगर-कोटेड नट्स
  • बहुत ज्यादा मसाले वाले पैकेज्ड नट्स
  • डीप फ्राई किए गए मेवे

इसके बजाय बिना नमक वाले या कम नमक वाले मेवे चुनना बेहतर है।

क्या मेवे BP की दवा की जगह ले सकते हैं?

नहीं।

यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। अगर डॉक्टर ने हाई ब्लड प्रेशर के लिए दवा दी है तो सिर्फ अखरोट, बादाम या पिस्ता खाना शुरू करके दवा बंद नहीं करनी चाहिए।

BP की दवा बंद करने या उसकी मात्रा बदलने का फैसला केवल डॉक्टर की सलाह से किया जाना चाहिए।

मेवे केवल स्वस्थ आहार का हिस्सा हो सकते हैं। इन्हें दवा का विकल्प समझना गलत है।

हाई BP वालों के लिए मेवों के साथ और क्या खाएं?

हृदय और ब्लड प्रेशर के लिए सिर्फ मेवों पर ध्यान देने के बजाय पूरे भोजन की गुणवत्ता सुधारना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

डाइट में शामिल किए जा सकते हैं:

  • हरी पत्तेदार सब्जियां
  • मौसमी फल
  • दाल और बीन्स
  • साबुत अनाज
  • कम वसा वाला दूध या दही
  • बिना नमक वाले मेवे
  • बीजों की उचित मात्रा
  • पर्याप्त पानी

साथ ही ज्यादा नमक, बहुत अधिक प्रोसेस्ड फूड, अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थ और जरूरत से ज्यादा तले हुए भोजन को सीमित करना उपयोगी हो सकता है।

निष्कर्ष

अखरोट, बादाम और पिस्ता ऐसे पौष्टिक मेवे हैं जिन्हें संतुलित मात्रा में हृदय-अनुकूल आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। इनमें असंतृप्त वसा, फाइबर, प्रोटीन और कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं।

उच्च रक्तचाप वाले लोगों के लिए मेवे चुनते समय सबसे जरूरी बात है कि वे बिना नमक या कम नमक वाले हों और उन्हें उचित मात्रा में खाया जाए। बहुत ज्यादा नमकीन मेवे खाने से सोडियम का सेवन बढ़ सकता है, जो कुछ लोगों में BP नियंत्रण के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

ध्यान रखें कि कोई भी एक खाद्य पदार्थ हाई ब्लड प्रेशर को ठीक नहीं कर सकता। नियमित BP जांच, डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का सही सेवन, कम नमक वाला संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और स्वस्थ वजन—ये सभी BP नियंत्रण के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।

अगर आपको हाई BP के साथ किडनी की बीमारी, डायबिटीज, हृदय रोग या कोई दूसरी स्वास्थ्य समस्या है, तो अपनी डाइट में बड़े बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर है।

अस्वीकरण: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी के लिए है। यह किसी बीमारी के निदान, उपचार या दवा की सलाह का विकल्प नहीं है।

स्रोत (Source): यह लेख ICMR (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद), विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सामान्य गाइडलाइंस और रटगर्स यूनिवर्सिटी की हालिया रिसर्च रिपोर्ट पर आधारित है।